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सरकार ने ओवैसी को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान करी।

Feb 5, 2022
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सरकार ने शुक्रवार को प्रमुख मुस्लिम नेता और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को सीआरपीएफ के कमांडो द्वारा 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ओवैसी की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सीआरपीएफ कमांडो तैनात रहेंगे। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख को 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय तब आया जब हापुड़ जिले के छिजारसी टोल प्लाजा के पास उनकी कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चला दी।


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घटना में कोई घायल नहीं हुआ, ओवैसी ने चुनाव आयोग से घटना की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। सूत्रों ने कहा कि ओवैसी शुक्रवार को संसद में सुरक्षा उल्लंघन और अपने काफिले पर हमले का मुद्दा उठाएंगे। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर चर्चा के लिए ओवैसी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे।


सूत्रों ने बताया कि ओवैसी को गोली मारने वाला सचिन पंडित भारतीय जनता पार्टी का सदस्य होने का दावा करता है। भगवा पार्टी से अपना जुड़ाव दिखाने के लिए सचिन ने सोशल मीडिया पर अपनी सदस्यता पर्ची की एक प्रति पोस्ट की थी। पर्ची में उनका नाम 'देशभक्त सचिन हिंदू' लिखा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सांसद महेश शर्मा समेत बीजेपी नेताओं के साथ सचिन की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।


कानून का छात्र सचिन ग्रेटर नोएडा के बादलपुर इलाके के दुरई गांव का रहने वाला है। सचिन के पिता विनोद पंडित ठेके पर निजी कंपनियों में काम करते हैं। पुलिस ने पाया कि सचिन पर पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। सचिन की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ग्रेटर नोएडा पुलिस ने उसके रिश्तेदारों से भी पूछताछ शुरू कर दी। गुरुवार की रात करीब पांच घंटे तक पूछताछ चलती रही।


दूसरा आरोपी शुभम सहारनपुर का रहने वाला है। दसवीं पास, शुभम एक किसान है। पुलिस को अभी तक उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं मिला है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि दोनों असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के बयानों से काफी नाराज थे। उन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर ओवैसी के भाषणों के वीडियो देखे। इनके पास से एक देशी पिस्टल बरामद हुई है। पुलिस ने कहा कि दोनों ने उन लोगों के नामों का खुलासा किया जिनसे उन्होंने हथियार खरीदा था और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सचिन के हिंदू संगठन से जुड़े होने के दावों की पुष्टि कर रही है।


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