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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन से आग्रह किया: सीमा रेखा निराकरण पर रखी अटल प्रतिबद्धता

Jun 27, 2025
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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से दृढ़ता से आग्रह किया कि भारत–चीन के लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए सीमा रेखा को स्पष्ट रूप से चिह्नित करना अनिवार्य है। उन्होंने इसे "स्थायी समाधान" के रूप में परिभाषित किया और कहा कि इसके लिए एक “संरचित रोडमैप” और पुराने वार्ता तंत्रों को पुनर्जीवित करना आवश्यक है ।



राजनाथ सिंह ने Qingdao में अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि 2020 की पूर्वी लद्दाख की सैन्य गतिरोध जिसमें दोनों पक्ष के लगभग 24 सैनिक शहीद हुए, ने दोनों देशों के बीच गहरी अविश्वास की खाई पैदा की है। उन्होंने इसे पाटने के लिए "ग्राउंड स्तर पर ठोस कार्य" की मांग की।


दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई कि उल्लेखित विषयों डिसएंगेजमेंट, डिएक्सेलेरेशन, सीमा प्रबंधन और सीमा रेखा निरूपण पर संवाद निरंतर जारी रहेगा । राजनाथ सिंह ने विदेशी मीडिया को बताया कि इस मुलाकात के दौरान दो देशों की सेनाओं के बीच स्थिरता लाने और सीमा पार तनाव को नियन्त्रण में रखने पर भी चर्चा हुई।

यह बैठक राजनाथ सिंह की चीनी धरती पर 2020 की झड़प के बाद पहली हाई‑लेवल चर्चा थी, जिसमें लद्दाख में गत वर्ष बातचीत से तनाव को कुछ हद तक शांत करने में मदद मिली थी। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने कंगो विशेष हवाई सेवा के पुनरारंभ और संवाद चैनलों को पुनर्जीवित करने पर भी सहमति जताई, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग का माहौल मजबूत हो सके ।


भारत के लिए यह पहल इस तनावग्रस्त सीमा पर स्थायी समाधान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है खासकर तब, जब हाइटेक्नोलॉजी, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय भू‑राजनीति की दृष्टि से इस दूरी को भ्रमपूर्ण छोड़ना भारत और चीन दोनों के हित में नहीं है।

 
 
 

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