पहलगाम आतंकी हमले की जांच में नया मोड़, एनआईए को मिले अहम डिजिटल सुराग — पाकिस्तान कनेक्शन की पुष्टि
पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को मामले में बड़ा ब्रेकथ्रू मिला है। एजेंसी को घटनास्थल से कई अहम डिजिटल सुराग प्राप्त हुए हैं, जिनसे यह संकेत मिला है कि इस हमले की साजिश सीमापार पाकिस्तान में रची गई थी। एनआईए सूत्रों के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संचार डेटा से पता चला है कि हमलावरों के संपर्क सीधे पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों से थे।
जांच एजेंसी ने घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ ड्रोन फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, और कॉल डेटा एनालिसिस के आधार पर हमलावरों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। माना जा रहा है कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का हाथ हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों के पास से मिले उपकरणों में एन्क्रिप्टेड चैट्स और पाकिस्तान स्थित नंबरों से हुई बातचीत के रिकॉर्ड एनआईए के पास हैं, जो भारत विरोधी साजिशों की ओर इशारा कर रहे हैं। एजेंसी अब इन सुरागों को विदेश मंत्रालय के साथ साझा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने की तैयारी कर रही है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इस हमले में शहीद हुए जवानों और नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “भारत अपने वीरों को कभी नहीं भूलेगा। आतंक के खिलाफ हमारी लड़ाई और तेज होगी। हम उन ताक़तों को कभी सफल नहीं होने देंगे जो भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं।”
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए अतिरिक्त बलों की तैनाती शुरू कर दी है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। गृह मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर नज़दीकी निगरानी बनाए हुए है।
NIA की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में राजनयिक और सैन्य स्तर पर भी कड़े कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत को अस्थिर करने की एक सुनियोजित कोशिश थी, लेकिन देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और जवाब देने में सक्षम भी।






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