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अमित शाह ने सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने का निर्देश दिया

Feb 5, 2025
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने और सीमा पार से घुसपैठ को शून्य करने का लक्ष्य रखने का निर्देश दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि नार्को-नेटवर्क द्वारा समर्थित किया जा रहा है।


शाह का यह निर्देश बुधवार को दिल्ली में उनकी अध्यक्षता में हुई दूसरी उच्च स्तरीय बैठक के दौरान आया - पहली बैठक मंगलवार को हुई थी - जिसमें सुरक्षा अभियानों, आतंकवादी घटनाओं और घुसपैठ की समीक्षा की गई।


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (आईबी) प्रमुख तपन डेका, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और गृह मंत्रालय (एमएचए) और केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। इसी तरह की एक बैठक मंगलवार को शाह की अध्यक्षता में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, गोविंद मोहन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई।



गृह मंत्रालय ने शाह के हवाले से एक बयान में कहा, "गृह मंत्री ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को 'शून्य घुसपैठ' के लक्ष्य को प्राप्त करके आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों से घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर निर्मम तरीके से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के अस्तित्व को जड़ से उखाड़ फेंकना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।" मंत्रालय के अनुसार शाह ने कहा, "नार्को-नेटवर्क घुसपैठियों और आतंकवादियों को उनकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सहायता प्रदान कर रहा है" और "नशीले पदार्थों के व्यापार से प्राप्त आय से आतंकी फंडिंग के खिलाफ तत्परता और कठोरता से त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।" आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति पर जोर देते हुए शाह ने एजेंसियों से "जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सतर्क रहने और तालमेल से काम करने" को कहा। "सरकार जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का पारिस्थितिकी तंत्र काफी कमजोर हो गया है। उन्होंने एजेंसियों को नए आपराधिक कानूनों के समय पर कार्यान्वयन के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के पदों पर नई नियुक्तियां करने का निर्देश दिया।


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